महातप्सविनी
परम वन्दनीय ब्रहम वादिनी योगिनी माँ राजनन्देश्वरी जी परम योगिनी
माँ जो महाशक्ति सिद्ध पीठ शुक तीर्थ (शुक्रताल) जनपद मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश की संस्थापिका है, आप बचपन से ही दिव्य प्रेरणा वश साधना मे ही रत रहती थी,महा
मन्त्र गायत्री की कठोर उपासना द्वारा आपने अनेक रह्स्य मय
अनुसन्धान किये है,आप सदैव लोक कल्याण
मे लगी रह्ती है।प्राण विज्ञान व कुन्डली विज्ञान की आप विशेषज्ञा
है। आप गरीब व असहाय कन्याओं के विवाह,गरीब
विद्धार्थियो की शिक्षा आदि मे सहर्ष सहयोग मे रह्ती है।आप पर माँ
गायत्री की विशेष कृपा है,आप साधना
द्वारा इतनी निर्मलता को प्राप्त कर चुकी है कि अशान्त से अशान्त
प्राणी आपके दर्शन मात्र से शान्त व आनन्दमय हो जाता है। आप
निश्छ्ल पवित्र प्रेम की साक्षात प्रतिमा है,आपके
दिव्य जीवन के अनेक चमत्कार लोक मे प्रचलित है।आपके द्वारा समाज
निरन्तर कल्याण पथ पर बढ रह है। आप महान विदुषी,सरल
दैदिप्य मान व्यक्तित्व की धनी है।आप एक श्रेष्ठतम विचारक व महान
लेखिका है,आपके द्वारा लिखित साहित्य
जन मानस को सदमार्ग प्रशस्त कर रहा है। आप एक प्रखर ओजस्वी प्रवक्ता
है।आपकी कविताऐ नीरस मे भी मधुर रस प्रवाहित करती है।यदि वास्तविक
सन्त के दर्शन करने है तो वे एक मात्र परम वन्दनीया योगिनी माँ है।आध्यात्मिक व भौतिक सेवा के साथ ही राष्ट्रोत्थान
उनके जीवन का सर्वोपरि मन्त्र है।राष्ट्र प्रेम उनमे कूट_ कूट कर भरा हुआ है।उनके बताये मार्ग पर चल कर हजारो लोग अपनी
मनोकामना पूर्ण कर सुख शान्ति व आनन्द प्राप्त कर रहे है।